अश्वत्थ: सर्ववृक्षाणां देवर्षीणां च नारद: | गन्धर्वाणां चित्ररथ: सिद्धानां कपिलो मुनि: ॥26॥
(सर्ववृृक्षाणाम्) सब वृृक्षोंमें (अश्वत्थः) पीपलका वृृक्ष (देवर्षीणाम्) देवर्षियोंमें (नारदः) नारद मुनि, (गन्धर्वाणाम्) गन्धर्वोंमें (चित्रारथः) चित्रारथ (च) और (सिद्धानाम्) सिद्धोंमें (कपिलः) कपिल (मुनिः) मुनि।
मैं सब वृक्षों में पीपल का वृक्ष, देवर्षियों में नारद मुनि, गन्धर्वों में चित्ररथ और सिद्धों में कपिल मुनि हूँ।