उच्चै:श्रवसमश्वानां विद्धि माममृतोद्भवम् | ऐरावतं गजेन्द्राणां नराणां च नराधिपम् ॥27॥
(अश्वानाम्) घोड़ोंमें (अमृतोद्भवम्) अमृतके साथ उत्पन्न होनेवाला (उच्चैःश्रवसम्) उच्चैःश्रवा नामक घोड़ा, (गजेन्द्राणाम्) श्रेष्ठ हाथियोंमें (ऐरावतम्) ऐरावत नामक हाथी (च) और (नराणाम्) मनुष्योंमें (नराधिपम्) राजा (माम्) मुझको (विद्धि) जान।
घोड़ों में अमृत के साथ उत्पन्न होने वाला उच्चैःश्रवा नामक घोड़ा, श्रेष्ठ हाथियों में ऐरावत नामक हाथी और मनुष्यों में राजा मुझको जान।