अनेकवक्त्रनयनमनेकाद्भुतदर्शनम् | अनेकदिव्याभरणं दिव्यानेकोद्यतायुधम् ॥10॥
(अनेकवक्त्रानयनम्) अनेक मुख और नेत्रोंसे युक्त (अनेकाद्भुतदर्शनम्) अनेक अद्धभुत दर्शनोंवाले (अनेकदिव्याभरणम्) बहुत से दिव्य भूषणोंसे युक्त और (दिव्यानेकोद्यतायुधम्) बहुत से दिव्य शस्त्रोंको हाथोंमें उठाये हुए।
अनेक मुख और नेत्रों से युक्त, अनेक अद्भुत दर्शनों वाले, बहुत से दिव्य भूषणों से युक्त और बहुत से दिव्य शस्त्रों को धारण किए हुए...।