महाभूतान्यङ्ककारो बुद्धिरव्यक्त मेव च | इन्द्रियाणि दशैकं च पञ्च चेन्द्रियगोचरा: ॥6॥
(महाभूतानि) पाँच महाभूत (अंहकारः) अंहकार (बुद्धिः) बुद्धि (च) और (अव्यक्तम्) अप्रत्यक्ष (एव) भी (च) तथा (दश) दस (इन्द्रियाणि) इन्द्रियाँ, (एकम्) एक मन (च) और (पॅंच) पाँच (इन्द्रियगोचराः) इन्द्रियोंके विषय अर्थात् शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध।
पाँच महाभूत, अहंकार, बुद्धि और मूल प्रकृति भी तथा दस इन्द्रियाँ, एक मन और पाँच इन्द्रियों के विषय अर्थात शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गंध।