रागी कर्मफलप्रेप्सुर्लुब्धो हिंसात्मकोऽशुचि: | हर्षशोकान्वित: कर्ता राजस: परिकीर्तित: ॥27॥
(कर्ता) कत्र्ता (रागी) आसक्तिसे युक्त (कर्मफलपे्रप्सुः) कर्मोंके फलको चाहनेवाला और (लुब्धः) लोभी है तथा (हिंसात्मकः) दूसरों को कष्ट देनेके स्वभाववाला (अशुचिः) अशुद्धाचारी और (हर्षशोकान्वितः) हर्ष-शोकसे लिप्त है वह (राजसः) राजस (परिकीर्तितः) कहा गया है।
जो कर्ता आसक्ति से युक्त कर्मों के फल को चाहने वाला और लोभी है तथा दूसरों को कष्ट देने के स्वभाववाला, अशुद्धाचारी और हर्ष-शोक से लिप्त है वह राजस कहा गया है।