श्रीभगवानुवाच | इदं तु ते गुह्यतमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे | ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात् ॥1॥
(ते) तुझ (अनसूयवे) दोष-दृष्टिरहित भक्तके लिये (इदम्) इस (गुह्यतमम्) परम गोपनीय (विज्ञानसहितम्) विज्ञानसहित (ज्ञानम्) ज्ञानको पुनः (प्रवक्ष्यामि) भलीभाँति कहूँगा (तु) कि (यत्) जिसको (ज्ञात्वा) जानकर तू (अशुभात्) शास्त्राविरूद्ध अशुभ कर्मोंसे (मोक्ष्यसे) मुक्त हो जाएगा।
श्री भगवान बोले- तुझ दोषदृष्टिरहित भक्त के लिए इस परम गोपनीय विज्ञान सहित ज्ञान को पुनः भली भाँति कहूँगा, जिसको जानकर तू दुःखरूप संसार से मुक्त हो जाएगा।